वो नहीं आए…

पूनम की रात थी,
हम यूँ ही 

उनके इंतज़ार में सड़क पर चल रहे थे।

हमें अकेला देख 

चाँद हमारे साथ साथ चलने लगा। 

ख़ैर, रात ढलने लगी,

सवेरा होने लगा,

पर उनका 

दूर दूर तक कोई नमोनिशान न था।

हमें धीमे-धीमे चलते देख,

चाँद भी आगे बढ़ गया।

कुछ देर इतरा

तेज़ी से चलता रहा,

फिर, ये देख कि 

हम आगे बढ़े नहीं,

चाँद फिर वापिस हमारे साथ-साथ

चलने लगा। 

पर वो, 

नहीं, वो नहीं आए। 

G.

<Just wore it, sitting in a bus watching the moon ride with me, sometimes ahead, sometimes along

It was sharad poornima on 15 October, and the moon, oh! It is beyond beautifu>